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जुलाई की जंतर-मंतर हिंसा: सुप्रीम कोर्ट की बनाई समिति ने शिकायतों के लिए पोर्टल खोला

पूर्व न्यायाधीश आर सुभाष रेड्डी की अध्यक्षता वाली समिति सबसे पहले पेलेट गन के इस्तेमाल, महिला प्रदर्शनकारियों पर हमलों और दोनों ओर से संपत्ति के नुकसान की जांच करेगी।

संपादकीय डेस्क से · नई दिल्लीप्रकाशित

मुख्य बातें

  1. उच्चस्तरीय जांच समिति ने शिकायतों और सबूतों के लिए hpec.nic.in पोर्टल शुरू किया है।
  2. प्राथमिकता पेलेट गन और महिला प्रदर्शनकारियों पर हिंसा तथा संपत्ति के नुकसान से जुड़े मामलों को मिलेगी।
  3. गवाह चाहें तो अपनी पहचान गोपनीय रख सकते हैं।

जुलाई में जंतर-मंतर पर हुई हिंसा की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट (सर्वोच्च न्यायालय) की बनाई समिति ने लोगों से शिकायतें और सबूत लेने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है। गृह मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी दी।

उच्चस्तरीय जांच समिति (एचपीईसी) जुलाई 2026 में जंतर-मंतर और दिल्ली के बाहर की जगहों पर हुई हिंसा के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। मंत्रालय के मुताबिक hpec.nic.in पोर्टल सभी प्रभावित लोगों के लिए खुला है, जिनमें घायल पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।

समिति अदालत के 18 अगस्त और 10 सितंबर के आदेशों में गिनाए गए मुद्दों की जांच करेगी। प्राथमिकता “पेलेट गन के इस्तेमाल, महिला प्रदर्शनकारियों के खिलाफ लक्षित हिंसा और उत्पीड़न, और दोनों ओर से हुई अत्यधिक हिंसा और संपत्ति के विनाश” से जुड़े मामलों को दी जाएगी।

पोर्टल इस तरह बनाया गया है कि कमजोर गवाहों की सुरक्षा हो सके, और वे चाहें तो अपनी पहचान गोपनीय रख सकते हैं। समिति के सामने के मुद्दों पर कोई भी व्यक्ति इसके जरिए जानकारी या सुझाव दे सकता है। जो लोग कागज पर शिकायत देना चाहते हैं, वे कामकाजी दिनों में दोपहर 2 से 4 बजे के बीच नई दिल्ली के 17, राउज एवेन्यू इंस्टीट्यूशनल एरिया स्थित शिक्षा सदन में समिति के दफ्तर में शिकायत दे सकते हैं, या डाक से या hpec2026.enquiry@nic.in पर ईमेल से भेज सकते हैं।

पांच सदस्यों वाली इस समिति के अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश आर सुभाष रेड्डी हैं। बाकी सदस्य हैं पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रवि शंकर झा, दिल्ली हाईकोर्ट की पूर्व न्यायाधीश शालिंदर कौर, सीबीआई के पूर्व निदेशक ऋषि कुमार शुक्ला और मेघालय के सेवानिवृत्त पुलिस प्रमुख एल आर बिश्नोई।

यह जांच 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों के प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई को लेकर दायर याचिकाओं से शुरू हुई। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि पुलिस ने लाठियों, पेलेट गन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया और महिलाओं पर हमले हुए। दिल्ली पुलिस ने अत्यधिक बल के इस्तेमाल से इनकार किया है और कहा है कि प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़े और उसके कर्मियों से भिड़ गए।

मूल दस्तावेज़