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'कारोबार का नुकसान हुआ तो हम दखल देंगे': कनॉट प्लेस के व्यापारियों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट
सीजेपी के तिरंगा प्रदर्शन से कुछ घंटे पहले व्यापारियों ने सेंट्रल पार्क बंद किए जाने पर सुप्रीम कोर्ट से दखल मांगा। पीठ ने कहा कि ऐसा ही एक मामला दिल्ली हाईकोर्ट में पहले से चल रहा है।

मुख्य बातें
- व्यापारियों ने अदालत को बताया कि एनडीएमसी ने गुरुवार देर रात सेंट्रल पार्क बंद कर दिया।
- न्यायमूर्ति बागची ने कहा कि आदेश अनुपातहीन निकला तो अदालत सार्वजनिक कानून और मुआवजा कानून के तहत अपनी शक्तियां इस्तेमाल कर सकती है।
- मामला 26 या 27 अक्टूबर को सुनवाई के लिए आएगा।
कनॉट प्लेस के व्यापारी शुक्रवार सुबह कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शनों को लेकर अपनी शिकायत सुप्रीम कोर्ट (सर्वोच्च न्यायालय) ले गए। यह पार्टी के “लहरा दो तिरंगा” जुटान से कुछ घंटे पहले की बात है, जो सेंट्रल पार्क में होना था। अदालत ने प्रदर्शन पर रोक नहीं लगाई, पर कहा कि अगर अधिकारियों की कार्रवाई जरूरत से ज्यादा निकली तो वह दखल देने को तैयार है।
वकील जय अनंत देहाद्राई ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ के सामने याचिका का उल्लेख किया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान व्यापारियों को हुए नुकसान का मुद्दा उठाया और बताया कि नई दिल्ली नगर परिषद (एनडीएमसी) ने गुरुवार देर रात सेंट्रल पार्क बंद कर दिया। एनडीएमसी ने शुक्रवार और शनिवार को पार्क बंद रखने के लिए “प्रशासनिक कारणों” का हवाला दिया था।
पीठ ने कहा कि ऐसा ही एक मामला दिल्ली हाईकोर्ट (उच्च न्यायालय) में पहले से चल रहा है। पालिका बाजार के एक कपड़ा विक्रेता की वह याचिका 3 नवंबर को सूचीबद्ध है। उसमें दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट से कहा था कि वह “कानून के तहत हर संभव कदम” उठाएगी।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा, “हमें उम्मीद है कि सभी को सद्बुद्धि आएगी।”
न्यायमूर्ति बागची ने कहा कि अदालत व्यापारियों के नुकसान से आंखें नहीं मूंदेगी। उन्होंने कहा, “अगर कारोबार का नुकसान होता है, तो हम संवैधानिक क्षेत्राधिकार के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करेंगे।” उन्होंने जोड़ा कि अगर एनडीएमसी का आदेश अनुपातहीन निकला, तो अदालत के पास सार्वजनिक कानून और मुआवजा कानून के तहत पर्याप्त शक्तियां हैं। मामला 26 या 27 अक्टूबर के लिए सूचीबद्ध किया गया।
सीजेपी ने शाम 5 बजे तिरंगे के साथ सेंट्रल पार्क में जुटने का आह्वान बरकरार रखा था। दिल्ली पुलिस गुरुवार को ही कह चुकी थी कि कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है।