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वोटर स्लिप विवाद और वीडियोग्राफी याचिका के बाद यूपी विधान परिषद की 11 सीटों पर स्नातकों-शिक्षकों का मतदान
पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 152 उम्मीदवार मैदान में हैं। मतदान से एक दिन पहले चुनाव आयोग ने प्रयागराज में बेतुकी वोटर स्लिप की जांच के आदेश दिए।

मुख्य बातें
- उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए सुबह 8 से शाम 4 बजे तक मतपत्रों से मतदान हुआ।
- गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर दोपहर 12 बजे तक 35.07% मतदान हो चुका था।
- चुनाव आयोग ने इलाहाबाद हाईकोर्ट को भरोसा दिया कि सभी मतदान केंद्रों के अंदर लगातार वीडियोग्राफी होगी।
उत्तर प्रदेश के 72 जिलों में शुक्रवार को स्नातकों और शिक्षकों ने राज्य विधान परिषद की 11 सीटों के लिए वोट डाले। मतदान से पहले मतदाता सूचियों को लेकर शिकायतों का नया दौर चला।
मतदान सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक 2,697 मतदान केंद्रों पर ईवीएम की जगह मतपत्रों से हुआ। मैदान में 152 उम्मीदवार हैं और पंजीकृत मतदाता करीब 15 लाख हैं। पांच सीटें स्नातक निर्वाचन क्षेत्र (लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ और इलाहाबाद-झांसी) और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र (लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद) हैं। मतगणना 27 अक्टूबर को होगी।
मतदान और तनातनी
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 17 जिलों के 200 मतदान केंद्रों पर 54,910 मतदाता हैं; दोपहर 12 बजे तक यहां 35.07% मतदान हो चुका था। गोरखपुर के एक मतदान केंद्र पर समाजवादी पार्टी (सपा) के उम्मीदवार संजय त्रिपाठी और भाजपा मंडल प्रभारी आशीष गुप्ता के बीच कुछ देर तीखी बहस हुई। गुप्ता को त्रिपाठी के परिसर के अंदर से मीडिया से बात करने पर आपत्ति थी। मतदान पर कोई असर नहीं पड़ा।
ड्राई डे के आदेश वाले जिलों में शराब की दुकानें बंद रहीं। गोरखपुर में जिलाधिकारी दीपक मीणा ने मतदान और मतगणना स्थल के 8 किलोमीटर दायरे में बार और शराब की दुकानें मतगणना पूरी होने तक बंद रखने का आदेश दिया।
वोटर स्लिप पर विवाद
मतदान से पहले सबसे ज्यादा चर्चा इलाहाबाद-झांसी स्नातक सीट की मतदाता सूची की रही। बुधवार को सपा उम्मीदवार और मौजूदा एमएलसी मान सिंह यादव ने प्रयागराज के जिलाधिकारी से शिकायत की कि वोटर स्लिप पर बेतुकी प्रविष्टियां हैं, जैसे नाम की जगह “राम ने यादव को मारा”, पिता के नाम की जगह “मूर्ख चंद यादव” और पिता के नाम वाले कॉलम में “बी.कॉम”। विपक्षी नेताओं ने ये स्लिप खूब साझा कीं।
चुनाव आयोग ने गुरुवार को जांच के आदेश दिए और झांसी के मंडलायुक्त से रिपोर्ट मांगी, जो इस सीट के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी हैं। रिपोर्ट सौंप दी गई है, पर सार्वजनिक नहीं हुई। भाजपा ने अलग से इसी सूची में 4,397 डुप्लीकेट या फर्जी प्रविष्टियों का आरोप लगाया है, जिनमें 3,163 प्रयागराज की हैं, और मुख्य निर्वाचन अधिकारी से इन्हें हटाने की मांग की है।
हर बूथ में कैमरा
मतदान से एक दिन पहले चुनाव आयोग ने इलाहाबाद हाईकोर्ट (उच्च न्यायालय) को बताया कि वह 2016 की रिटर्निंग ऑफिसर पुस्तिका के मुताबिक “सभी मतदान केंद्रों के अंदर मतदान की कार्यवाही की लगातार, निर्बाध वीडियोग्राफी” कराएगा। जस्टिस आलोक माथुर और जस्टिस अब्धेश कुमार चौधरी ने यह बयान दर्ज कर लखनऊ स्नातक सीट से निर्दलीय उम्मीदवार शैलेंद्र सिंह की याचिका निपटा दी। उनके वकील ने कहा कि इस आश्वासन से उनकी शिकायत दूर हो गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन चुनावों के लिए जमकर प्रचार किया, जबकि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर स्नातकों और शिक्षकों से वोट डालने की अपील की।