राजनीतिकांग्रेस बनाम भाजपा
पटना में खड़गे के 'मोदी का बाप भी जाएगा' वाले बयान पर बवाल, भाजपा आज देशभर में करेगी प्रदर्शन
भीड़ में बैठे एक व्यक्ति को कांग्रेस अध्यक्ष के जवाब की अमित शाह, नितिन नबीन और राजनाथ सिंह ने निंदा की। भाजपा सोमवार को अपने हर प्रदेश मुख्यालय पर प्रदर्शन करेगी।

मुख्य बातें
- मल्लिकार्जुन खड़गे ने पटना में टोकने वाले एक व्यक्ति से कहा, 'मोदी का बाप भी जाएगा'।
- अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता का ज़िक्र कर खड़गे ने 'मर्यादा की सारी सीमाएं तोड़ दीं'।
- भाजपा सोमवार को सभी प्रदेश मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेगी और बिना शर्त माफ़ी की मांग कर रही है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को पटना में भाजपा के साथ एक नया विवाद छेड़ दिया। श्रोताओं में बैठे एक व्यक्ति को जवाब देते हुए उन्होंने मंच से कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।”
शाम होते-होते गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कई केंद्रीय मंत्री इस बयान को प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता का अपमान बताकर इसकी निंदा कर चुके थे। भाजपा ने कहा कि वह सोमवार को अपने सभी प्रदेश मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेगी, और बिना शर्त माफ़ी की मांग की।
पटना में क्या हुआ
खड़गे बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती पर एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। वे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर हमला कर रहे थे और उन्होंने कहा कि इसमें गड़बड़ी करने वालों को कांग्रेस जेल भेजेगी। उन्होंने भाजपा पर “वोट चोरी” का आरोप भी लगाया और कहा कि मोदी काला धन वापस लाने का वादा पूरा नहीं कर पाए।
भीड़ में से एक व्यक्ति ने कहा कि जब तक बगावत नहीं होगी, मोदी कहीं नहीं जाएंगे। इस पर खड़गे ने यह जवाब दिया, और उसे दोहराया भी।
बताया गया कि बाद में कांग्रेस समर्थकों ने उस व्यक्ति को हॉल से बाहर कर दिया। बाहर उसने कथित तौर पर कहा कि उसकी बात का सिर्फ़ एक हिस्सा सुना गया, और वह भी चाहता है कि मोदी जाएं।
भाजपा का जवाब
शाह ने एक्स पर लिखा कि खड़गे ने “पटना में मोदी जी के पिता पर अभद्र टिप्पणी कर मर्यादा की सारी सीमाएं तोड़ दी हैं”। उन्होंने कहा, “यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस पार्टी ने मोदी जी या उनके परिवार के खिलाफ़ अपशब्दों का इस्तेमाल किया हो। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी हर दिन अभद्रता की सीमाएं लांघ रही है।”
नबीन ने इस भाषा को “अभद्र और असंसदीय” बताया और कहा कि यह कांग्रेस के “वैचारिक दिवालियेपन” को दिखाती है। उन्होंने कहा कि जनता “अभद्र राजनीति को बहुत करीब से देख रही है और सही समय पर इसका मुंहतोड़ जवाब देगी”।
राजनाथ सिंह ने कहा कि राजनीतिक असहमति को गाली-गलौज तक ले जाना “सिर्फ़ एक व्यक्ति या परिवार का अपमान नहीं, बल्कि भारतीय राजनीति की गरिमा पर भी हमला है”। जे पी नड्डा ने कहा, “देश की जनता ऐसी ओछी राजनीति का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से ज़रूर देगी।”
पार्टी के आधिकारिक एक्स हैंडल ने और तीखी बात कही: “यह अब राजनीतिक पार्टी नहीं रही, यह किसी माफ़िया गिरोह जैसी लगती है।” बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खड़गे और राहुल गांधी से तुरंत माफ़ी मांगने को कहा, और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सवाल किया कि क्या खड़गे को पार्टी अध्यक्ष बने रहना चाहिए।
कांग्रेस अपनी बात पर कायम
रविवार को खड़गे ने इस पर आगे कुछ नहीं कहा। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उनका बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह रोज़मर्रा की बोलचाल का मुहावरा था, जो टोकने वाले को जवाब में कहा गया, कोई निजी अपमान नहीं। उन्होंने प्रधानमंत्री की अपनी भाषा के उदाहरण के तौर पर पिछले चुनाव प्रचारों में मोदी की टिप्पणियां गिनाईं, जिनमें “50 करोड़ की गर्लफ्रेंड” वाला तंज और मंगलसूत्र विवाद शामिल हैं।
कांग्रेस के दूसरे नेताओं ने कहा कि यह बयान भीड़ से हुई उकसावे वाली टोका-टाकी पर प्रतिक्रिया थी।
आगे क्या
भाजपा की प्रदेश इकाइयों से सोमवार को “शांतिपूर्ण लेकिन दृढ़” प्रदर्शन करने को कहा गया है। यह विवाद ऐसे हफ़्ते में आया है जो एसआईआर को लेकर टकराव से पहले ही भरा हुआ है: इंडिया गठबंधन 30 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के “जन महाभियोग” और 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली की योजना बना रहा है।