राजनीतिप्रदर्शन
एसआईआर के खिलाफ चुनाव आयोग की ओर बढ़े वाम दलों और छात्रों के मार्च में कई हिरासत में
'पीपल अगेंस्ट एसआईआर' के बैनर तले प्रदर्शनकारी गुरुद्वारा बंगला साहिब से चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर निकले। उनकी मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें।

मुख्य बातें
- वाम दलों और छात्र नेताओं ने 'पीपल अगेंस्ट एसआईआर' के बैनर तले चुनाव आयोग की ओर मार्च किया।
- दिल्ली पुलिस ने गुरुद्वारा बंगला साहिब और कनॉट प्लेस में दोपहर 1 से 5 बजे तक बीएनएसएस की धारा 163 लागू की।
- कई प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए; मार्च को कोई आधिकारिक अनुमति नहीं थी।
शुक्रवार दोपहर दिल्ली पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया, जब वाम दल और छात्र नेता भारत निर्वाचन आयोग के मुख्यालय की ओर मार्च करने निकले। उनकी मांग है कि मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) रद्द हो और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पद छोड़ें।
“पीपल अगेंस्ट एसआईआर” के बैनर तले प्रदर्शनकारी मध्य दिल्ली में गुरुद्वारा बंगला साहिब के गेट नंबर 1 के पास और कनॉट प्लेस में जुटे। पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। दोनों जगहों पर दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत पाबंदियां लागू थीं, और गुरुद्वारे व आयोग के दफ्तरों के आसपास जवानों की तैनाती के साथ हिरासत के लिए बसें खड़ी थीं।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता पी. संदोष ने कहा, “हमारा विरोध और तेज होगा; ज्ञानेश कुमार को कोई नहीं बचा सकता।”
प्रदर्शनकारियों की मांग
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे के अलावा प्रदर्शनकारी एसआईआर को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि पुनरीक्षण में योग्य मतदाताओं के नाम सूची से कट गए हैं और कई लोग आने वाले चुनावों में वोट नहीं डाल पाएंगे। दोपहर तक चुनाव आयोग ने शुक्रवार के मार्च पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने मार्च से पहले एडवाइजरी जारी कर दोपहर 1 से 5 बजे तक डायवर्जन की जानकारी दी, लोगों से प्रभावित सड़कों से बचने को कहा और वाहन चालकों से “धैर्य बनाए रखने” की अपील की। हेल्पलाइन नंबर 1095 और 011-25844444 दिए गए।
बड़ा अभियान
यह मार्च राजधानी में एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों की ताजा कड़ी है। इनकी अगुआई अलग-अलग समय पर इंडिया गठबंधन के दलों और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने की है, जिसके कई नेता अभी भी पुलिस मामलों का सामना कर रहे हैं।
शुक्रवार को ही कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने गुवाहाटी में कहा कि चुनाव आयोग की संवैधानिक ताकत खोखली कर दी गई है और ज्ञानेश कुमार को “जाना होगा”। उन्होंने कहा कि विपक्ष की “वोट बचाओ, देश बचाओ” रैलियां देशभर में जारी हैं। खबरों के मुताबिक इंडिया गठबंधन 28 अक्टूबर को एक मॉक संसद की योजना भी बना रहा है, हालांकि इसका ब्योरा अभी तय नहीं हुआ है।
आगे क्या
कांग्रेस को 1 नवंबर को रामलीला मैदान में रैली की पुलिस अनुमति मिल चुकी है; दिल्ली पुलिस ने 17 अक्टूबर को उसे अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी किया था। उम्मीद है कि विपक्षी दल इस रैली में एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर अपनी मांगें जोर से उठाएंगे।