राजनीतिआज अदालतों में
आज अदालतों में: विजयन परिवार की सीएमआरएल अपील, इमरान खान का 'भारत छोड़ो' नोटिस, सुप्रीम कोर्ट की सभी पीठें
केरलम हाईकोर्ट पूर्व मुख्यमंत्री की विजिलेंस एफआईआर वाली चुनौती सुनेगा, बॉम्बे हाईकोर्ट अभिनेता की याचिका उनकी देश छोड़ने की समय-सीमा से दो दिन पहले सुनेगा, और सुप्रीम कोर्ट की सारी पीठें फिर बैठेंगी।

मुख्य बातें
- केरलम हाईकोर्ट में पिनराई विजयन, उनकी बेटी और दामाद की अपीलों पर सुनवाई होनी है।
- अभिनेता इमरान खान से 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने को कहा गया है; बॉम्बे हाईकोर्ट आज उनकी याचिका सुनेगा।
- सुप्रीम कोर्ट में 15 पीठें सूचीबद्ध हैं, जिनकी अगुवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अदालत करेगी।
सोमवार को तीन अदालतों में राजनीतिक मामले सूचीबद्ध हैं, और अवकाश के बाद सुप्रीम कोर्ट (सर्वोच्च न्यायालय) पूरी क्षमता के साथ लौट रहा है।
केरलम हाईकोर्ट में विजयन परिवार
केरलम हाईकोर्ट (उच्च न्यायालय) की एक खंडपीठ को सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामले में पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, उनकी बेटी वीणा टी और उनके दामाद, पूर्व मंत्री पी ए मोहम्मद रियास की अपीलें सुननी हैं।
वे एकल जज के उस आदेश को चुनौती दे रहे हैं, जिसमें विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो को प्रवर्तन निदेशालय से मिली जानकारी के आधार पर उनके खिलाफ़ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने का निर्देश दिया गया था। एकल जज ने यह भी माना कि बिना एफआईआर के प्रारंभिक जांच कराने का राज्य सरकार का फ़ैसला इन परिस्थितियों में गैरकानूनी था, और उस जांच के लिए बनी विशेष जांच टीम का आदेश रद्द कर दिया।
परिवार की मुख्य दलील यह है कि उन्हें प्रभावित करने वाला आदेश पारित करने से पहले उनकी बात सुनी ही नहीं गई। हाईकोर्ट ने पहले उन्हें अपील की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। 21 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने यह इनकार रद्द किया, कहा कि वे “खंडपीठ के सामने अपील करने के हकदार हैं”, और जांच पर थोड़े समय की रोक लगाई। एफआईआर अपनी जगह कायम है।
यह रोक खत्म होने के करीब है, इसलिए पीठ को सबसे पहले यह तय करना पड़ सकता है कि इसे बढ़ाया जाए या नहीं। अधिवक्ता के एम शाहजहां पहले प्रतिवादी हैं, और राज्य की ओर से महाधिवक्ता के जाजू बाबू सूचीबद्ध हैं।
बॉम्बे हाईकोर्ट में इमरान खान
मुंबई में मुख्य न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस अद्वैत सेठना की पीठ को अभिनेता इमरान खान की वह याचिका सुननी है, जिसमें उन्होंने विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण अधिकारी (एफआरआरओ) के “लीव इंडिया नोटिस” को चुनौती दी है।
नोटिस में अमेरिकी नागरिक और ओवरसीज़ सिटिज़न ऑफ़ इंडिया (ओसीआई) कार्डधारक खान से 28 अक्टूबर या उससे पहले देश छोड़ने को कहा गया है। इसमें उन पर “मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) विरोधी प्रदर्शन में कथित तौर पर हिस्सा लेने की कोशिश” का आरोप है, और चेतावनी दी गई है कि न जाने पर आप्रवासन और विदेशी अधिनियम, 2025 के तहत मुकदमा चलाया जाएगा।
खान को 10 अक्टूबर को मुंबई पुलिस ने अगस्त क्रांति मैदान से हिरासत में लिया था, जहां प्रदर्शनकारी मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग कर रहे थे। इसके बाद भाजपा नेता किरीट सोमैया ने पुलिस से शिकायत की और बताया कि खान भारतीय नागरिक नहीं हैं। खान का कहना है कि वे सिर्फ़ उस जगह के पास खड़े थे, उन्हें सुनवाई का मौका नहीं दिया गया, और नोटिस ओसीआई कार्डधारकों को कानून से मिले अधिकारों का उल्लंघन करता है। जब उनके वकील, वरिष्ठ अधिवक्ता वेंकटेश धोंड ने मामला उठाया, तो पीठ ने पूछा कि क्या खान का कोई पुराना रिकॉर्ड है। धोंड ने कहा, कोई नहीं।
सुप्रीम कोर्ट
दिल्ली में सोमवार के लिए सुप्रीम कोर्ट की वाद सूची में 15 पीठें हैं, जिनकी अगुवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहना के साथ करेंगे। 30 अक्टूबर तक के हफ़्ते के लिए करीब 270 चैंबर मामलों की अलग सूची भी जारी की गई है, जिन्हें कम समय के नोटिस पर लिया जा सकता है।
इंतज़ार कर रहे राजनीतिक मामलों में कनॉट प्लेस के व्यापारियों की वह याचिका भी है, जो कॉकरोच जनता पार्टी के तिरंगा प्रदर्शन के दौरान नई दिल्ली नगर परिषद (एनडीएमसी) के सेंट्रल पार्क बंद करने के खिलाफ़ है। 16 अक्टूबर को इसका ज़िक्र होने पर अदालत ने कहा था कि यह 26 या 27 अक्टूबर को आएगी।
मूल दस्तावेज़
- Supreme Court of India cause list, 26 October 2026Supreme Court of India, 24 अक्टूबर 2026
- Supreme Court of India notice dated 16.10.2026 (advance list of chamber matters, 26-30 October)Supreme Court of India, 16 अक्टूबर 2026