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लंदन में गांधी प्रतिमा के पास सैकड़ों लोगों का सीईसी और एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शन, सामने लगे 'मोदी, मोदी' के नारे

पार्लियामेंट स्क्वायर में 'स्टॉप वोट चोरी' प्रदर्शन के मुख्य वक्ता ध्रुव राठी थे। मेट्रोपॉलिटन पुलिस के अधिकारी दोनों गुटों के बीच खड़े रहे, जो एक-दूसरे की आवाज दबाने की कोशिश करते रहे।

संपादकीय डेस्क से · लंदनप्रकाशित
लंदन के पार्लियामेंट स्क्वायर में महात्मा गांधी की प्रतिमा (फ़ाइल फ़ोटो)
लंदन के पार्लियामेंट स्क्वायर में महात्मा गांधी की प्रतिमा (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: Foreign and Commonwealth Office / Wikimedia Commons, CC BY 2.0

मुख्य बातें

  1. पार्लियामेंट स्क्वायर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास सैकड़ों लोग 'स्टॉप वोट चोरी' प्रदर्शन के लिए जुटे।
  2. ध्रुव राठी ने कहा कि सीईसी के बदले जाते ही प्रदर्शन रुक जाएंगे।
  3. जवाबी प्रदर्शन करने वाले गुट ने कहा कि ब्रिटेन के प्रवासी भारतीय मोदी के साथ 'कंधे से कंधा मिलाकर' खड़े हैं।

लंदन के पार्लियामेंट स्क्वायर में शनिवार को महात्मा गांधी की प्रतिमा के आसपास सैकड़ों लोग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ प्रदर्शन के लिए जुटे। चौक के दूसरी तरफ सरकार के समर्थन में एक छोटा गुट “मोदी, मोदी” के नारे लगाता रहा।

मेट्रोपॉलिटन पुलिस के अधिकारी दोनों भीड़ों के बीच खड़े रहे, जबकि दोनों पक्ष एक-दूसरे की आवाज दबाने की कोशिश करते रहे।

“स्टॉप वोट चोरी” प्रदर्शन इंडियन ओवरसीज कांग्रेस की युवा शाखा ने आयोजित किया था। इसे सेव डेमोक्रेसी, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) यूके और साउथ एशिया सॉलिडैरिटी ग्रुप समेत कई प्रवासी मंचों का समर्थन मिला। यूट्यूबर ध्रुव राठी मुख्य वक्ता थे।

राठी का संदेश

हिंदी में बोलते हुए राठी ने कहा कि वह भारतीयों और अप्रवासी भारतीयों से बात करने आए हैं, बाहरी लोगों को इस विवाद में बुलाने नहीं। उन्होंने कहा, “हम कोई विदेशी हस्तक्षेप नहीं चाहते। मैं पार्लियामेंट स्क्वायर पर भारतीयों और एनआरआई को संबोधित करने आया हूं।” उन्होंने कहा, “अपने देश में ‘वोट चोरी’ के खिलाफ संदेश फैलाना जरूरी है।”

उन्होंने कहा कि जिस पल मुख्य चुनाव आयुक्त की जगह सरकार और विपक्ष के नेता, दोनों की सहमति से चुना गया कोई व्यक्ति आएगा, ये प्रदर्शन खत्म हो जाएंगे।

भीड़ ने “इंकलाब जिंदाबाद” और “वंदे मातरम” के नारे लगाए और संविधान की प्रस्तावना पढ़ी गई।

लंदन में राठी की मौजूदगी ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में दिल्ली की एक अदालत ने उनके वीडियो “बीजेपी आईटी सेल पार्ट 2” से जुड़े 2018 के मानहानि मामले में उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किए। 10 अक्टूबर को दिल्ली के प्रदर्शनों में शामिल होने से पहले ही गुरुग्राम पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था।

जवाबी प्रदर्शन

इंडिया डायस्पोरा (आईडी) यूके ने लंदन के भारतीयों से रैली के विरोध में जुटने की अपील की थी। इसके संस्थापक हिरदेश गुप्ता ने मतदाता सूची पर सरकार के रुख का बचाव किया। उन्होंने कहा, “ब्रिटेन के प्रवासी भारतीय मजबूती से, कंधे से कंधा मिलाकर मोदी जी और उनकी सरकार के साथ खड़े हैं।”

विदेश में प्रदर्शनों का हफ्ता

शनिवार की रैली उस सिलसिले की ताजा कड़ी थी जो मंगलवार को कॉकरोच जनता पार्टी की मांगों के समर्थन में बुलाए गए “इमरजेंसी प्रोटेस्ट” से शुरू हुआ था। इन मांगों में ज्ञानेश कुमार को हटाना और एसआईआर को रद्द करना शामिल है। शुक्रवार को लंदन में भारतीय उच्चायोग के बाहर भी एक छोटा प्रदर्शन और जवाबी प्रदर्शन हुआ था।

चुनाव आयोग का कहना है कि एसआईआर का मकसद मृत, स्थानांतरित, दोहरी प्रविष्टि वाले या अन्य तरह से अयोग्य मतदाताओं को चिह्नित कर सूची को साफ करना है।

अमेरिका के छह डेमोक्रेट सांसदों ने विदेश मंत्री मार्को रुबियो से अपील की है कि वह छह दिन की भारत यात्रा के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर के सामने प्रदर्शनों पर कार्रवाई और मतदाता सूची का मुद्दा उठाएं।