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छह अमेरिकी डेमोक्रेट सांसदों ने रुबियो से कहा: जयशंकर के सामने प्रदर्शनों और मतदाता सूची का मुद्दा उठाएं
यह मांग ऐसे समय आई है जब अमेरिकी विदेश मंत्री छह दिन की भारत यात्रा शुरू कर रहे हैं। एक दिन पहले भारत ने एक अमेरिकी सांसद की टिप्पणी को 'अनुचित और बेखबर' बताया था।

मुख्य बातें
- छह डेमोक्रेट सांसदों ने मार्को रुबियो से भारत में छात्र प्रदर्शनों से निपटने का मुद्दा उठाने को कहा।
- वे चाहते हैं कि रुबियो मुंबई में एस जयशंकर से बातचीत में मतदाता सूची पुनरीक्षण पर भी बात करें।
- रुबियो 17 से 22 अक्टूबर तक भारत में हैं और 20 अक्टूबर को जयशंकर से मिलेंगे।
अमेरिकी कांग्रेस के छह डेमोक्रेट सदस्यों ने विदेश मंत्री मार्को रुबियो से कहा है कि मुंबई में विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात में वे भारत में छात्रों की अगुवाई वाले प्रदर्शनों से निपटने के तरीके और मतदाता सूची के पुनरीक्षण का मुद्दा उठाएं।
रुबियो की भारत यात्रा शनिवार को शुरू हो रही है और 22 अक्टूबर तक चलेगी। जयशंकर के साथ उनकी बातचीत 20 अक्टूबर को मुंबई में होनी है, जहां दोनों सरकारें अमेरिकी आजादी की 250वीं वर्षगांठ का कार्यक्रम भी मनाएंगी। ऊर्जा उनके एजेंडे में सबसे ऊपर है। उनके कार्यक्रम में गुजरात का जामनगर है, नई दिल्ली नहीं।
सांसदों की यह मांग एक हफ्ते चले उन प्रदर्शनों के बाद आई है, जिनमें मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग हो रही है। दिल्ली और दूसरे शहरों में हजारों प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए, जिनमें शुक्रवार को कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके भी शामिल थे।
यह इनके एक साथी सांसद पर भारत की आपत्ति के एक दिन बाद भी आई है। प्रतिनिधि प्रमिला जयपाल ने बुधवार को लिखा था कि वे “13 करोड़ लोगों को मतदाता सूची से हटाने की भारत सरकार की कार्रवाई से बेहद चिंतित” हैं, और अहिंसक प्रदर्शन कर रहे भारतीयों के साथ खड़ी हैं। शुक्रवार को विदेश मंत्रालय ने उनकी टिप्पणी को “अनुचित और बेखबर” बताया। वॉशिंगटन में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने इसे “भारत के आंतरिक मामलों में अस्वीकार्य दखल” कहा।
शनिवार सुबह तक सरकार ने सांसदों के पत्र पर कोई जवाब नहीं दिया था। चुनाव आयोग कहता रहा है कि मसौदा सूची से छूटे योग्य मतदाता दावे-आपत्ति की प्रक्रिया से या फॉर्म 6 भरकर नाम जुड़वा सकते हैं।