राजनीतिअदालत
आंध्र निकाय चुनाव नामांकन पर वाईएसआरसीपी की अर्जी पर बुधवार को सुनेगी सुप्रीम कोर्ट की अवकाश पीठ
पार्टी ने नामांकन की समय-सीमा न बढ़ाने के आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी है। सीएमआरएल एफआईआर आदेश के खिलाफ पिनाराई विजयन की याचिका भी इसी पीठ के सामने है।

मुख्य बातें
- दशहरा अवकाश के दौरान बुधवार को जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ बैठेगी।
- वाईएसआरसीपी का कहना है कि हिंसा के कारण उसके उम्मीदवार नामांकन नहीं भर सके, इसलिए वह समय-सीमा बढ़ाने की मांग कर रही है।
- आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने 18 अक्टूबर को एक दिन की मोहलत देने से भी इनकार कर दिया था।
सुप्रीम कोर्ट की एक विशेष पीठ बुधवार, 21 अक्टूबर को दशहरा अवकाश के दौरान आंध्र प्रदेश के शहरी निकाय चुनावों में नामांकन के लिए और समय मांगने वाली वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की अर्जी पर सुनवाई करेगी।
जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहना पार्टी की उस चुनौती पर विचार करेंगे जो आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के 18 अक्टूबर के आदेश के खिलाफ है। हाई कोर्ट ने नामांकन की समय-सीमा एक दिन भी बढ़ाने से इनकार कर दिया था। वाईएसआरसीपी का कहना है कि राज्य भर में हिंसा के कारण उसके उम्मीदवार नामांकन केंद्रों तक नहीं पहुंच सके। वह उम्मीदवारों के लिए पुलिस सुरक्षा, बढ़ी हुई समय-सीमा और नामांकन के लिए ज्यादा केंद्र चाहती है।
पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने एन चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी-नीत सरकार पर विपक्षी उम्मीदवारों को रोकने का आरोप लगाया है और चुनाव के लिए केंद्रीय बलों व सीसीटीवी निगरानी की मांग को लेकर राज्यपाल से मिल चुके हैं। पिछले हफ्ते नामांकन शुरू होने पर पुंगनूर और रायचोटी में झड़पों की खबरें आई थीं।
यही पीठ पूर्व केरलम मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की याचिका भी सुनेगी। विजयन, उनकी बेटी वीणा टी और दामाद पी ए मोहम्मद रियास ने केरलम हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें सीएमआरएल मामले में एफआईआर दर्ज करने के एकल न्यायाधीश के निर्देश के खिलाफ उनकी अपीलों पर विचार से इनकार किया गया। 9 अक्टूबर को हाई कोर्ट ने सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज करने को कहा था, जिसके बाद दो एफआईआर दर्ज हुईं। ईडी का आरोप है कि सीएमआरएल ने आईटी परामर्श सेवाओं के नाम पर वीणा से जुड़ी अब बंद हो चुकी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को ₹2.78 करोड़ दिए।
अवकाश के बाद सुप्रीम कोर्ट की नियमित पीठें 26 अक्टूबर को लौटेंगी।