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आज अदालतों में: सीजेपी नेता फिर मजिस्ट्रेट के सामने, सुप्रीम कोर्ट की अवकाश पीठ में वाईएसआरसीपी और विजयन की याचिकाएं
हिरासत बढ़ाए जाने के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे सौरव दास और आशुतोष रांका को बुधवार दोपहर 2 बजे मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाना है। मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि वे एसआईआर पर अपनी चिंताएं प्रधानमंत्री के सामने रखेंगे।
मुख्य बातें
- सौरव दास और आशुतोष रांका को बुधवार दोपहर 2 बजे विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाना है।
- सीजेपी के दोनों नेताओं ने न्यायिक हिरासत बढ़ाए जाने के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
- सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहना की अवकाश पीठ वाईएसआरसीपी और पिनराई विजयन की याचिकाएं सुनेगी।
सुप्रीम कोर्ट (सर्वोच्च न्यायालय) में दशहरे की छुट्टियां चल रही हैं, फिर भी बुधवार को अदालतों में काफी कुछ होना है: कॉकरोच जनता पार्टी के दो नेता, एक पूर्व मुख्यमंत्री का परिवार और मतपत्र पर जगह के लिए लड़ रही एक विपक्षी पार्टी, सबके मामले सामने हैं।
सीजेपी नेता
सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत दो दिन बढ़ाई गई थी, जो बुधवार को खत्म हो रही है। उन्हें दोपहर 2 बजे विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट रितु राज के सामने पेश किया जाना है। सोमवार को मजिस्ट्रेट ने उनके जमानतदारों को नामंजूर कर दिया था और कहा था कि उनका आचरण “कानून के प्रति कोई सम्मान नहीं दिखाता”। आदेश में सूची से हटाए गए स्थलों पर बार-बार प्रदर्शन का आह्वान करने की “आदत” का जिक्र था। दोनों को नए जमानतदार पेश करने हैं और लिखित दलीलें दाखिल करनी हैं।
दोनों ने हिरासत बढ़ाए जाने के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट (उच्च न्यायालय) का दरवाजा भी खटखटाया है। बुधवार सुबह तक सुनवाई की कोई तारीख घोषित नहीं हुई थी।
13 अक्टूबर को तिरंगा लेकर जंतर-मंतर का गेट फांदने के बाद से दोनों हिरासत में हैं। एक दिन पहले ही इस जगह को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाया गया था। मंगलवार को पार्टी संस्थापक अभिजीत दिपके ने उनके रुख को सत्याग्रह बताया, और शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने सुप्रीम कोर्ट से दखल देने की अपील की।
अवकाश पीठ
जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहना की विशेष पीठ वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की उस याचिका पर सुनवाई करेगी, जिसमें आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के 18 अक्टूबर के आदेश को चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट ने राज्य के शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में नामांकन की समय सीमा बढ़ाने से इनकार कर दिया था। पार्टी का कहना है कि हिंसा के कारण उसके उम्मीदवार नामांकन केंद्रों तक नहीं पहुंच पाए। वह पुलिस सुरक्षा, ज्यादा समय और ज्यादा केंद्र चाहती है।
यही पीठ केरलम के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, उनकी बेटी वीणा टी और पी ए मोहम्मद रियास की याचिकाएं भी सुनेगी। ये हाईकोर्ट के उन आदेशों के खिलाफ हैं, जिनके बाद सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामले में सतर्कता विभाग का केस दर्ज हुआ। पिछले हफ्ते जल्द सुनवाई की मांग करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने अदालत से कहा था: “यह स्वतंत्रता का मामला है।”
खड़गे और प्रधानमंत्री
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को कलबुर्गी में कहा कि वे बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), परिसीमन और महिला आरक्षण योजना पर अपनी आपत्तियां रखेंगे। उन्होंने कहा, “मैं कल उन्हें सब कुछ समझाऊंगा, एसआईआर से हुए नुकसान समेत।” उन्होंने यह नहीं बताया कि यह आमने-सामने की मुलाकात में होगा या नहीं।
सुप्रीम कोर्ट की नियमित पीठें 26 अक्टूबर से बैठेंगी।